Thursday, September 4, 2025

Mp higher education syllabus bsc third year minor , elective

Unit 1: Pharmaceutical Chemistry

Introduction to pharmacy, career in pharmacy, codes of pharmaceutical ethics, importance of pharmaceutical chemistry, pharmacopoeia and its history (IP, BP, USP, NF).
Drug and cosmetic act with special reference to schedule M, GMP, GLP, GCP, USFDA, NDA, clinical trial.
Concept of quality and total quality management, quality assurance and quality control, IPQA, IPQC.
Documentation and maintenance of record, intellectual property rights, patents, trademark, copyright, patent act.

Unit 2: Pharmacognosy

Definition, history, scope and development of Pharmacognosy.
Classification and Sources of drugs: classification of drugs, sources and uses of natural drug products, biological (plants, animals and microbes), geographical, marine and mineral sources.
Drug Receptors: Introduction to drug receptors, nature of drug receptors, different bonding involved in drug-receptor interaction, drug receptor theories.
Drug absorption: routes of drug administration, absorption of drugs and factors affecting absorption.

Unit 3: Molecular Modeling and Drug Design

Drug design and development an overview, analogues and prodrugs structure and activity relationship between chemical (SAR), factors governing drug design, approaches to drug design, receptor site theory.
Introduction to combinatorial synthesis in drug discovery, factors affecting bioactivity.
QSAR-Free-Wilson analysis, structure–biological activity Hansch analysis, relationship between Free-Wilson analysis and Hansch analysis.

Unit 4: Antibiotics and Antibacterials

Introduction, Antibiotic β-Lactam Type – Penicillin, Cephalosporins, Antitubercular – Streptomycin, Broad Spectrum Antibiotics – Tetracyclines, Anticancer – Dactinomycin (Actinomycin D)

Unit 5: Antifungal and Non-steroidal Anti-inflammatory Drugs

Antifungal: Polyenes, Antibacterial – Ciprofloxacin, Norfloxacin, Antiviral – Acyclovir
Antimalarials: Chemotherapy of Malaria SAR, Chloroquine, Chloroguanide and Mefloquine.
Non-steroidal Anti-inflammatory Drugs: Diclofenac Sodium, Ibuprofen and Netopam.

Pharmaceutical Chemistry B.Sc -3-Year-CHEM-Minor TOPIC WISE



विषय (Topic) मुख्य बिंदु
परिचय फ़ार्मेसी का परिचय, फ़ार्मेसी में करियर, फ़ार्मास्यूटिकल एथिक्स (नैतिकता)
Pharmacopoeia परिभाषा और इतिहास (IP, BP, USP, NF)
Drugs & Cosmetics Act शेड्यूल M, GMP, GLP, GCP, USFDA, NDA, Clinical Trials
Quality Concepts Quality, TQM, QA, QC, IPQA, IPQC
Documentation रिकॉर्ड मेन्टेनेंस और डॉक्यूमेंटेशन
Intellectual Property Rights (IPR) पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट एक्ट


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                      │ Unit 1 : औषधीय रसायनशास्त्र │
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परिचय          फ़ार्माकोपिया   Drugs &       Quality Control     Documentation
(Pharmacy         (IP, BP, USP,  Cosmetics Act  (QA, QC, IPQA,      & Record
Intro, Caree,   NF History)    (GMP, GLP,     IPQC, TQM)          Maintenance
Ethics)                        GCP, USFDA,
                               NDA, CT)
 
                                ▼
                     Intellectual Property Rights
                 (Patent, Trademark, Copyright)

📘 Pharmaceutical Chemistry का परिचय

परिभाषा:
फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री (Pharmaceutical Chemistry) रसायनशास्त्र की वह शाखा है जो औषधियों (Drugs) के अध्ययन, निर्माण, संरचना, गुणधर्म, संश्लेषण (Synthesis) और औषधीय क्रिया (Pharmacological Action) से संबंधित होती है।

फार्मेसी (Pharmacy) स्वास्थ्य विज्ञान (Health Science) की एक शाखा है, जो दवाओं (Drugs/Medicines) की खोज, निर्माण, गुणधर्म, उपयोग तथा सुरक्षित वितरण (Safe Dispensing) से सम्बंधित है।

यह विज्ञान रसायन (Chemistry), जीवविज्ञान (Biology), शरीर विज्ञान (Physiology) और औषध विज्ञान (Pharmacology) के सिद्धांतों पर आधारित है।

फार्मेसी की मुख्य परिभाषा:

 "फार्मेसी वह विज्ञान एवं कला है जो औषधियों की तैयारी (Preparation), भंडारण (Storage), परीक्षण (Testing) तथा रोगी तक सही प्रकार से पहुँचाने (Dispensing) से संबंधित है।"


मुख्य बिंदु:     Pharmacognosy (फार्माकोग्नॉसी)

  • प्राकृतिक स्रोतों (पौधे, खनिज, जानवर) से प्राप्त औषधियों का अध्ययन।

  • Pharmaceutical Chemistry (फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री)
    औषधियों की रासायनिक संरचना, संश्लेषण (Synthesis) और विश्लेषण (Analysis)।

  • Pharmaceutics (फार्मास्युटिक्स)
    दवाओं को उपयुक्त रूप (जैसे टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन, सिरप) में बनाने की प्रक्रिया।

  • Pharmacology (फार्माकोलॉजी)
    दवाओं का शरीर पर प्रभाव और उनके क्रिया-तंत्र (Mechanism of Action) का अध्ययन।

  • Pharmacy Practice (फार्मेसी प्रैक्टिस)
    रोगियों को सही दवा, सही मात्रा और सही समय पर उपलब्ध कराना तथा दवा से संबंधित परामर्श देना।

    1. फार्मेसी से संबंध:
      यह फार्मेसी (Pharmacy) की आधारभूत शाखा है जो औषधियों की खोज (Drug Discovery), विकास (Development) और उपयोग (Application) से जुड़ी है।

    2. उद्देश्य:

      • मानव एवं पशु स्वास्थ्य सुधार हेतु प्रभावी दवाओं का निर्माण।

      • दवाओं की संरचना (Structure) और क्रियाशीलता (Activity) के बीच संबंध को समझना।

    3. सुरक्षित (Safe), प्रभावी (Effective) और गुणवत्तापूर्ण (Quality) दवाएँ उपलब्ध कराना।
    4. फार्मासिस्ट की भूमिका (Role of Pharmacist):

      • रोगियों को सुरक्षित और सही दवा उपलब्ध कराना।

      • दवाओं की खुराक और दुष्प्रभाव (Side Effects) की जानकारी देना।

      • डॉक्टर और रोगी के बीच सेतु (Bridge) का काम करना।

      • नई दवाओं के अनुसंधान (Research) एवं विकास (Development) में योगदान।

      महत्त्व:

      • नई दवाओं की खोज एवं विकास।

      • रोगों के उपचार और रोकथाम।

      • दवाओं की शुद्धता (Purity), स्थिरता (Stability) और गुणवत्ता नियंत्रण।

      • विभिन्न औषधि मानक ग्रंथ (Pharmacopoeia: IP, BP, USP, NF) के अनुसार दवा निर्माण।

    5. अनुप्रयोग:

      • एंटीबायोटिक्स (Antibiotics), एंटीवायरल (Antiviral), एनाल्जेसिक (Analgesic), एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) आदि दवाओं का निर्माण।

    6. दवा का रासायनिक विश्लेषण और परीक्षण।
    Pharmaceutical Chemistry = दवाओं का विज्ञान (Drug Science), जिसमें हम दवाओं के रासायनिक गुण, संरचना और शरीर पर उनके प्रभाव का अध्ययन करते हैं।

    Pharmaceutical Chemistry (औषधीय रसायनशास्त्र) का Flowchart

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                    │ औषधीय रसायनशास्त्र │
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    │ दवा खोज और     │ │ संरचना–क्रियाशीलता    │ │ गुणवत्ता, शुद्धता और   │
    │ विकास          │ │ संबंध                  │ │ सुरक्षा                 │
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                   │ चिकित्सा में अनुप्रयोग │
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    विषय (Topic)
    मुख्य बिंदु
    परिचय
    फ़ार्मेसी का परिचय, फ़ार्मेसी में करियर, फ़ार्मास्यूटिकल एथिक्स (नैतिकता)
    Pharmacopoeia
    परिभाषा और इतिहास (IP, BP, USP, NF)
    Drugs & Cosmetics Act
    शेड्यूल M, GMP, GLP, GCP, USFDA, NDA, Clinical Trials
    Quality Concepts
    Quality, TQM, QA, QC, IPQA, IPQC
    Documentation
    रिकॉर्ड मेन्टेनेंस और डॉक्यूमेंटेशन
    Intellectual Property Rights (IPR)
    पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट एक्ट


    फार्मेसी में करियर (Career in Pharmacy)


    फार्मेसी
    आज के समय का एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं (Healthcare) में लगातार नए अवसर बन रहे हैं। एक Pharmacist (फार्मासिस्ट) का काम केवल दवा बेचना नहीं है, बल्कि दवा का अनुसंधान (Research), निर्माण (Manufacturing), गुणवत्ता जाँच (Quality Control) और रोगी को सही परामर्श देना भी शामिल है।


    1. शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)

    फार्मेसी क्षेत्र में करियर बनाने के लिए मुख्य कोर्स इस प्रकार हैं:

    D.Pharm (Diploma in Pharmacy) – 2 वर्ष
    B.Pharm (Bachelor of Pharmacy) – 4 वर्ष
    M.Pharm (Master of Pharmacy) – 2 वर्ष
    Pharm.D (Doctor of Pharmacy) – 6 वर्ष
    Ph.D. (Doctorate in Pharmacy/Pharmaceutical Sciences) – अनुसंधान हेतु

    2. रोजगार के प्रमुख क्षेत्र (Major Employment Areas)

    अस्पताल एवं क्लिनिक (Hospital & Clinical Pharmacy)
    मरीजों को दवा का सही उपयोग समझाना।
    डॉक्टरों के साथ मिलकर सही दवा का चयन करना।
    फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री (Pharmaceutical Industry)
    नई दवाओं का निर्माण व अनुसंधान।
    प्रोडक्शन, क्वालिटी कंट्रोल (QC), क्वालिटी एश्योरेंस (QA)।
    रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D)
    नई दवाओं की खोज और उनकी प्रभावशीलता का अध्ययन।
    क्लिनिकल ट्रायल्स में योगदान।
    रेग्युलेटरी अफेयर्स (Regulatory Affairs)
    दवाओं के लाइसेंसिंग और सरकारी मानकों का पालन सुनिश्चित करना।
    मार्केटिंग और सेल्स (Pharma Sales & Marketing)
    दवाओं और मेडिकल उत्पादों की बिक्री व प्रमोशन।
    शिक्षण (Teaching & Academics)
    कॉलेज/विश्वविद्यालय में लेक्चरर या प्रोफेसर बनकर पढ़ाना।

    3. सरकारी क्षेत्र में अवसर (Government Opportunities)

    सरकारी अस्पतालों में Pharmacist
    Drug Inspector
    Food & Drug Administration (FDA) अधिकारी
    Public Health Departments में नियुक्ति

    4. विदेशों में अवसर (Opportunities Abroad)

    USA, Canada, Australia, Gulf Countries में फार्मासिस्ट और रिसर्च में उच्च वेतन वाले अवसर।
    NAPLEX, PEBC जैसे इंटरनेशनल एग्जाम पास करने के बाद लाइसेंस प्राप्त किया जा सकता है।

    5. वेतनमान (Salary)

    नए फार्मासिस्ट (Fresher): ₹15,000 – ₹30,000 प्रति माह
    अनुभवी फार्मासिस्ट/इंडस्ट्री: ₹40,000 – ₹80,000+
    विदेश में: लाखों रुपये प्रतिमाह तक कमाई संभव


    निष्कर्ष:
    फार्मेसी एक ऐसा क्षेत्र है जो स्वास्थ्य सेवा + विज्ञान + उद्योग तीनों को जोड़ता है। इसमें करियर बनाने वाले युवाओं के लिए स्थिर भविष्य (Stable Future) और असीमित अवसर (Unlimited Opportunities) मौजूद हैं।

    औषधि-नैतिकता के आचार संहिता (Codes of Pharmaceutical Ethics)

    फार्मेसी एक स्वास्थ्य सेवा (Healthcare Profession) है, इसलिए इसमें काम करने वाले Pharmacist (फार्मासिस्ट) के लिए कुछ नैतिक नियम (Ethical Codes) बनाए गए हैं, ताकि वे समाज की सेवा ईमानदारी और जिम्मेदारी से कर सकें।


    1. रोगी के प्रति कर्तव्य (Duties towards Patients)
    रोगी को सही दवा सही मात्रा में देना।
    दवा का सही उपयोग (Dosage & Administration) समझाना।
    दवा के दुष्प्रभाव (Side Effects) और सावधानियाँ बताना।
    रोगी की व्यक्तिगत जानकारी (Patient’s Confidentiality) गुप्त रखना।

    2. डॉक्टर के प्रति कर्तव्य (Duties towards Physicians)
    डॉक्टर द्वारा लिखी गई पर्ची (Prescription) का सही पालन करना।
    डॉक्टर को दवा से संबंधित नई जानकारी उपलब्ध कराना।
    डॉक्टर की प्रतिष्ठा और निर्णय का सम्मान करना।

    3. समाज के प्रति कर्तव्य (Duties towards Society)
    नकली या घटिया दवाओं (Spurious/Adulterated Drugs) से बचाना।
    नशे की दवाओं (Narcotic Drugs) का दुरुपयोग रोकना।
    दवाओं की उचित कीमत और सही उपलब्धता सुनिश्चित करना।
    स्वास्थ्य जागरूकता (Health Awareness) फैलाना।

    4. पेशे के प्रति कर्तव्य (Duties towards Profession)
    फार्मेसी पेशे की गरिमा (Dignity) बनाए रखना।
    सहकर्मियों (Colleagues) के साथ सहयोग और सम्मानपूर्ण व्यवहार करना।
    अवैध या अनैतिक कार्यों से बचना।
    निरंतर अध्ययन और अनुसंधान द्वारा ज्ञान को अद्यतन (Update) रखना।

    5. सरकार और कानून के प्रति कर्तव्य (Duties towards Government & Law)
    Drugs and Cosmetics Act, Pharmacy Act जैसे कानूनों का पालन करना।
    बिना लाइसेंस दवा का उत्पादन या बिक्री न करना।
    नशीली दवाओं और विषाक्त (Poisonous) पदार्थों का सही तरीके से रिकॉर्ड रखना।

    6. विज्ञापन और व्यवसाय के प्रति कर्तव्य (Duties towards Business & Advertisement)


    दवाओं के बारे में झूठे या भ्रामक (Misleading) विज्ञापन न करना।
    व्यापार में ईमानदारी और पारदर्शिता (Honesty & Transparency) बनाए रखना।
    मुनाफे से अधिक रोगी के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना।

    निष्कर्ष:, एक फार्मासिस्ट का सबसे बड़ा नैतिक कर्तव्य है कि वह मानवता की सेवा, ईमानदारी, और जिम्मेदारी के साथ अपने पेशे को निभाए।



    (Codes of Pharmaceutical Ethics)  
    फार्मास्युटिकल एथिक्स (Pharmaceutical Ethics) के मुख्य आचार संहिता

    फार्मासिस्ट का कार्य केवल दवाएँ बेचना या उपलब्ध कराना ही नहीं है, बल्कि यह एक नैतिक दायित्व (Ethical Responsibility) भी है कि वह समाज, मरीज और अपने पेशे के प्रति ईमानदार, जिम्मेदार और संवेदनशील रहे। इसके लिए भारतीय फार्मेसी काउंसिल द्वारा आचार संहिता निर्धारित की गई है।


    फार्मास्युटिकल एथिक्स के प्रमुख बिंदु

    मरीज के प्रति कर्तव्य (Duties towards Patients)
    मरीज को उचित, सुरक्षित और प्रमाणित दवाएँ देना।
    दवा की सही खुराक और उपयोग की जानकारी देना।
    मरीज की गोपनीयता (Confidentiality) बनाए रखना।
    बिना डॉक्टर की सलाह के खतरनाक दवाएँ न देना।
    डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति कर्तव्य (Duties towards Doctors & Healthcare Team)
    डॉक्टर की लिखी पर्ची (Prescription) का सही पालन करना।
    उपचार में सहयोग देना और दवा से संबंधित सही जानकारी साझा करना।
    डॉक्टर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने वाले कार्य न करना।
    समाज के प्रति कर्तव्य (Duties towards Society)
    नकली, अवैध या एक्सपायर दवाओं का विक्रय न करना।
    समाज में दवाओं के दुरुपयोग (Drug Abuse) को रोकने में सहयोग करना।
    स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाना।
    अपने पेशे के प्रति कर्तव्य (Duties towards Profession)
    पेशे की गरिमा बनाए रखना।
    ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करना।
    नए वैज्ञानिक अनुसंधानों और दवा संबंधी जानकारियों से स्वयं को अद्यतन रखना।
    सरकार और कानून के प्रति कर्तव्य (Duties towards Government & Law)
    ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट, फार्मेसी एक्ट, नारकोटिक ड्रग्स एक्ट आदि नियमों का पालन करना।
    लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के नियमों का अनुपालन करना।
    अवैध दवाओं के व्यापार से बचना और उन्हें रोकने में सहयोग करना।

    फार्मास्युटिकल एथिक्स (Pharmaceutical Ethics) की आचार संहिता तालिका के रूप में:

    फार्मास्युटिकल एथिक्स : आचार संहिता

    क्षेत्र (Area)      
    कर्तव्य (Duties)  

    Tuesday, September 2, 2025

    MP Board Exam 2025-26

    MP Board

    MPTASS Scholarship 2025-26

                                                    MPTASS Scholarship 

    . परिचय

    • मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण छात्रवृत्ति योजना।

    • उद्देश्य: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में आर्थिक सहयोग देना।

    • 2. MPTASS क्या है?

      • पूरा नाम: Madhya Pradesh Talent Search Scheme

      • लाभार्थी: SC/ST/OBC वर्ग के छात्र-छात्राएँ

      • लक्ष्य: आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को शिक्षा जारी रखने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना।

      3. पात्रता (Eligibility)

      • विद्यार्थी मध्यप्रदेश का स्थायी निवासी हो।

      • SC/ST/OBC वर्ग से हो।

      • मान्यता प्राप्त विद्यालय/कॉलेज/विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हो।

      • आय सीमा (Income Limit) – OBC वर्ग के लिए सामान्यतः सालाना ₹8 लाख तक।

      • 4. लाभ (Benefits)

        • छात्रों को मासिक छात्रवृत्ति।

        • उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता।

        • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद।

        • ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से सीधे बैंक खाते में राशि ट्रांसफर।

        5. आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)

        1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ: http://www.tribal.mp.gov.in/mptass

        2. "Register" पर क्लिक करें और नया अकाउंट बनाएँ।

        3. आधार कार्ड से सत्यापन करें।

        4. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें:

          • जाति प्रमाण पत्र

          • आय प्रमाण पत्र

          • अंकसूची (Marksheet)

          • पासबुक/बैंक डिटेल्स

          • आधार कार्ड

        5. सबमिट करने के बाद आवेदन का स्टेटस ऑनलाइन देख सकते हैं।

        6.  ज़रूरी दस्तावेज़

          • आधार कार्ड

          • जाति प्रमाण पत्र

          • आय प्रमाण पत्र

          • निवास प्रमाण पत्र

          • शैक्षणिक प्रमाण पत्र (10वीं/12वीं/कॉलेज)

          • पासपोर्ट साइज फोटो

          • 👉 अगर आप पात्र हैं, तो आज ही आवेदन करें और इस योजना का लाभ उठाएँ।


    SET A

      1. उपमान प्रमाण आधारित है — CGPSC SET 2016 (A) प्रत्यक्ष पर        (B) तुलना पर (C) अनुमान पर     (D) शब्द पर ...